बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन (ग्रैंड अलायंस) में सीट बंटवारे को लेकर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। वहीं, एनडीए ने पहले ही अपने घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। महागठबंधन में सीटों को लेकर चल रही खींचतान एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
इस बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर सीट शेयरिंग पर चर्चा करेंगे। तेजस्वी यादव ने उम्मीद जताई है कि आज या कल तक सीट बंटवारा फाइनल हो सकता है, ताकि पहले चरण के उम्मीदवार समय रहते नामांकन कर सकें। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि अगर सहमति नहीं बनती है तो आरजेडी अकेले चुनाव लड़ेगी या नहीं।
कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगियों की मांगें बनीं बाधा
महागठबंधन में सबसे बड़ा रोड़ा कांग्रेस की सीटों की मांग बनकर सामने आ रहा है। कांग्रेस 60 सीटों पर अड़ी हुई है, जबकि सीपीआई-एमएल 30 से अधिक सीटें चाहती है। वहीं, सीपीआई ने 24 और सीपीएम ने 10 सीटों की मांग रखी है।
वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने भी 25 से अधिक सीटों की मांग करते हुए कहा है कि सीटें चाहे जितनी मिलें, पार्टी कम से कम 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी 12 सीटों की मांग करते हुए 15 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है।
आरजेडी ने पहले ही 50 प्रत्याशियों को दे दिया सिंबल
पिछले चुनाव में 144 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आरजेडी इस बार 135 से कम सीटों पर तैयार नहीं है। सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा से पहले ही आरजेडी ने अपने 50 संभावित उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल देना शुरू कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी चुनावी तैयारियों में किसी तरह की देरी नहीं चाहती।
दिल्ली में तेजस्वी यादव की राहुल गांधी से मुलाकात से पहले कांग्रेस ने एक बैठक की, जिसमें बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
फिलहाल, महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर घमासान जारी है और सहमति बनने तक सभी दलों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।